राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान

प्रमुख राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान रणथंभौर  (सवाई माधोपुर), मुकुन्दरा हिल्स, घना पक्षी विहार (भरतपुर) तथा कुंभलगढ़ उद्यान हैं। राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख रूप से राज्य के पर्यटन के केंद्र है।

राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान (Rajasthan ke Rashtreey udyaan)

राजस्थान के उद्यान (सेंचुरी) जिन्हे राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त है, निम्नानुसार हैं-

1. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान (सवाईमाधोपुर)

  • यह देश के सबसे कम क्षेत्रफल की बाघ परियोजना है जो 392 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में है।
  • सन 1955 ई. में इसकी स्थापना की गई थी।
  • सन् 1974 ई. में इसे बाघ परियोजना घोषित किया गया।
  • राज्य में सबसे पहले बाघ बचाओं परियोजना इस राष्टीय उद्यान में प्रारंभ की गई थी।
  • यहां अलग-अलग दो बडी पर्वत श्रखलाएँ विध्याचल और अरावली पर्वत माला तथा दो बडी नदियाँ चम्बल व बनास मिलती है।
  • इस अभयारण्य को 1 नवम्बर 1980 को प्रथम राजस्थान का राष्टीय उद्यान घोषित किया गया।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में प्रमख रूप से बाघ इसके अलावा सांभर, चीतल, नीलगाय, रीछ और जरख पाए जाते हैं।
  • यह भारत का सबसे छोटा बाघ अभयारण्य है। लेकिन इसे भारतीय बाघों का घर कहा जाता है।
  • राजस्थान में सर्वाधिक प्रकार के वन्य जीव इसी अभयारण्य में पाये जाते है।
  • त्रिनेत्र गणेश मंदिर और जोगी महल इसी अभयारण्य में स्थित है।
  • इस अभयारण्य की मछली बाघिन को ब्रिटिश हाईकमीशन दिल्ली द्वारा 24 अप्रैल 2009 को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)

  • इस राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1956 में की गई थी।
  • यह राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर में गम्भीरी और बाणगंगा नदियों के संगम पर स्थित है।
  • इस उद्यान का नाम उद्यान के बीच मे बने केवलादेव (शिव) के नाम पर रखा गया।
  • यहाँ पाई जाने वाली कटू घास यहाँ आने वाले साइबेरियन क्रेन के लिए विशेष प्रिय है।
  • यह भारत का सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य है।
  • यहाँ ऑस्टियन कंपनी सारोस्की की आर्थिक मदद से डॉ इंटरप्रेटेशन सेंटर बनाया गया हैं ।
  • 1985 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व प्राकृतिक धरोहर की सूची में शामिल कर लिया गया ।
  • यह दुर्लभ सफेद साइबेरियाई सारस के शीतकालीन प्रवास का मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

3. मुकुन्दरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा)

  • यह कोटा से 50 किमी. दूर कोटा- झालावाड़ मार्ग पर स्थित है।
  • यह 274.41 वर्ग किमी. क्षेत्र में विस्तृत है।
  • राजस्थान सरकार ने 9 जनवरी 2012 को दर्रा एवं जवाहर सागर अभयारण्य को संयुक्त रूप से अभयारण्य बनाने की अधिसूचना जारी की है।

4. कुम्भलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान

  • यह राजस्थान का तीसरा राष्ट्रीय उद्यान है।
  • कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के तीन जिलों उदयपुर, राजसमंद एवं पाली की अंतर्गत 608.57 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है।
  • यह उद्यान एक वन्य जीव अभयारण्य था जिसे 28 नवंबर 2011 को राजस्थान सरकार द्वारा राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्रधान किया गया।
  • इस उद्यान में पाए जाने वाले जीवों में रीछ, सांभर, बघेरा, चीतल, जंगली सूअर, जंगली मुर्गी आदि प्रमुख हैं।
  • कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अरावली पर्वतमाला की सुरम्य मैदानी घाटी में स्थित है।
  • इस उद्यान के नजदीक एतिहासिक कुम्भलगढ़ का किला व रणकपुर के जैन मन्दिर पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के केंद्र है।

राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान

Scroll to Top