विश्व के महासागर | World Ocean

भारत और राज्यों के सरकारी विभागों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से विश्व के महासागर बहुत ही महत्वपूर्ण  विषय है। विश्व के महासागर निम्न हैं- 1. प्रशांत महासागर, 2. अटलांटिक महासागर, 3. हिन्द महासागर, 4. आर्कटिक महासागर

विश्व के महासागर

  • सम्पूर्ण पृथ्वी के लगभग 3/4 भाग में जलमण्डल का विस्तार है अर्थात विश्व के महासागर पृथ्वी के एक तिहाई भाग पर फैले हुए है। इसलिए पृथ्वी को जलीय ग्रह भी कहा जाता है। वेगनर के अनुसार धरातल 71.7% भाग पर जल और 28.3% भाग पर स्थल है। विश्व के महासागर अर्थात सम्पूर्ण जलमण्डल के अन्तर्गत सागर, महासागर, खाड़िया, झीलें आदि सम्मिलित की जाती हैं।
  • समस्त पृथ्वी का क्षेत्रफल 50.995 करोड़ वर्गीकलोमीटर है जिसके 36.106 करोड़ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पर जलमण्डल का तथा 14.889 करोड़ वर्ग किलोमीटर का स्थलमण्डल का विस्तार है।
  • पृथ्वी पर जल का सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण भण्डार महासागर है। विश्व के महासागर पृथ्वी के जल का लगभग 97.25% भाग जल वहन करते है। शेष जल मुख्यत: हिमनदों के रूप में पाया जाता है। हिमनद स्वच्छ जल के सबसे विशाल भण्डार हैं।
  • पृथ्वी के जलीय धरातल का 43% उत्तरी गोलार्द्ध में तथा 57% दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।
  • उत्तरी गोलार्द्ध के कल क्षेत्रफल के 60.7% भाग पर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध के 80.9% भाग पर जल है। इस कारण दक्षिणी गोलार्द्ध को जलीय गोलार्द्ध भी कहा जाता है।
  • महासागरों की औसत गहराई 3800 मीटर तथा औसत ऊँचाई 840 मीटर मानी जाती है।
  • विश्व के महासागर जलमण्डल के मुख्य भाग हैं। ये आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
  • महासागरों की औसत लवणता 35% होती है।
  • महासागरीय जल में सोडियम क्लोराइड सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है।

1. प्रशांत महासागर | Pacific Ocean

  • प्रशांत महासागर की आकृति त्रिभुजाकार है। यह अन्य सभी महासागरों से अधिक गहरा है। अधिकांश भागों की गहराई लगभग 7300 मी. तक है।
  • इसके चारों ओर की सीमाओं पर अनेक तटीय -सागर और खाड़ियाँ है। इस विशाल महासागर में 20,000 से भी अधिक द्वीप है पर इनका क्षेत्रफल काफी कम है।
  • ये मुख्य स्थलखंड से पृथक हुए भाग हैं।
  • महासागरों के मध्य स्थित द्वीप प्रवाल तथा ज्वालामुखी प्रक्रियाओं से निर्मित है।
  • प्रशांत महासागर का उत्तरी भाग सबसे गहरा है। इस भाग में बहुत अधिक संख्या में खाइयाँ व द्वीप मौजूद हैं जिनकी उत्पति का सम्बन्ध प्लेटटेक्टॉनिक्स से है।
  • अल्युशियन, क्युराइल, जापान, बेनिन, मेरियाना व मिंडनाओं कुछ ‘महत्त्वपूर्ण गर्त हैं जिनकी गहराई 7000 मी. से 10000 मी. तक है।
  • अधिकांश गर्त द्वीपीय क्षेत्रों के समीप मिलते हैं। मध्य भाग में अधिक संख्या में समुद्री पर्वत, गाइऑट आदि मिलते हैं।
  • प्रशांत के द.प. में विभिन्न प्रकार के द्वीप, तटीय सागर, महाद्वीपीय मग्रतट तथा जलमग्न गर्त है।
  • द. पू. प्रशांत में चौड़े जलमग्न कटक तथा पठार है। अटाकामा तथा टोंगा खाई है जिसकी गहराई – क्रमश: 8000 मो. व 9000 मी. है।

प्रशांत महासागर से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य 

  • प्रशांत महासागर संसार का सबसे बड़ा व सबसे गहरा महासागर है इसका क्षेत्रफल 16.5 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। यह पृथ्वी के 1/3 भाग पर फैला हुआ है।
  • यह महासागर उत्तर से दक्षिण तक 14880 किमी तथा पूर्व से पश्चिम तक 16000 किमी चौड़ा है। इस महासागर की औसत गहराई 4572 मीटर है।
  • पृथ्वी का सबसे गहरा भाग मेरियाना गर्त प्रशान्त महासागर में स्थित है।
  • एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका इस महासागर के चारों ओर स्थित हैं।
  • इस वृत्ताकार महासागर के पश्चिम में एशिया तथा ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप, पूर्व में उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका तथा दक्षिण में अंटार्कटिका महाद्वीप है।
  • विशाल प्रशान्त महासागर में 2000 से अधिक द्वीप हैं।
  • प्रशांत महासागर का उत्तरी भाग सबसे गहरा है। अल्यशियन, वय मध्य प्रशान्त महासागर का प्रमुख कटक हवाइन उभार है।

2. अटलांटिक महासागर | Atlantic Ocean

  • अटलांटिक महासागर की आकृति अंग्रेजी के एस (S) अक्षर से मिलता है। इसके चारों ओर विभिन्न पाड़ाइया वाला महाद्वीपीय मग्रतट स्थित है।
  • अफ्रीका के तट के समीप इसकी चौड़ाई 80 से 160 किलोमीटर तक है किन्तु उ.पू. अमेरिका और उ.प. यूरोप के तटों के समीप इसकी चौड़ाई 250 किमी. तक है।
  • अटलांटिक महासागर के दोनों किनारों पर, विशेषकर उत्तरी भाग में टाय सागर है जो मग्र तटों पर स्थित है। उदाहरणत: हडसन की खाडी, बल्टिक सागर, उत्तरी सागर आदि।
  • अटलांटिक महासागर का मुख्य आकर्षक लक्षण मध्य अटलांटिक कटक एस (S) अक्षर की आकति बनाते हुए उत्तर से दक्षिण तक विस्तृत है और अटलांटिक को दोनों ओर दो गहरे बेसिनों में बांटता है।
  • यह कटक 14,000 किमी लम्बा तथा लगभग 4000 मीटर ऊंचा है। इसकी उत्पति का सम्बन्ध भी प्लेट टेक्टोनिक्स की रचनात्मक प्रक्रिया से जोड़ा जाता है।

अटलांटिक महासागर से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • अटलांटिक महासागर सम्पूर्ण संसार का छठा भाग है।
  • यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है, इसका क्षेत्रफल 8,29,63,800 वर्ग किलोमीटर है।
  • अटलांटिक महासागर का आकार अंग्रेजी के ‘एस (S)’ अक्षर के समान है।
  • अटलांटिक महासागर की तटरेखा बहत कटी-फटी है जिसके कारण यह तट रेखा प्राकृतिक पोताश्रयों एवं पतनों के लिए आदर्श मानी जाती है।
  • व्यापारिक दृष्टि से अटलांटिक महासागर सबसे व्यस्त महासागर है।
  • अटलांटिक महासागर की प्रमुख जलधाराएं- ब्राजील, फाकलैण्ड एवं बेंगुएला है।
  • इस महासागर की प्रमुख विशेषता मध्य अटलांटिक कटक है।
  • अटलांटिक महसागर के तटों के साथ बेफिन को खाड़ी, हडसन की खाड़ी, उत्तरी सागर बाल्टिक सागर, मैक्सिको की खाड़ी, भूमध्य सागर तथा कैरीबियन सागर महत्वपूर्ण सागर है।

3. हिन्द महासागर | Indian Ocean

  • हिन्द महासागर को अर्द्धमहासागर भी कहा जाता है।
  • इसका उत्तरी किनारा बहुत ही कटा- फटा है।
  • हिन्द महासागर की औसत गहराई अपेक्षाकृत कम लगभग 4000 मी. है।
  • जावा द्वीप दक्षिण व उसकें समानांतर स्थित सुंडा गर्त से भी गहरा है।
  • इस महासागर के नितल पर अनेक चौड़े जलमन कटक है।
  • अटलांटिक तक लगातार की तरह इसमें भी कन्याकुमारी से लेकर अंटार्कटिका तक लगातार एक जलमग्न कटक है।
    • यह हिन्द महासागर को अपने दोनों ओर लगभग दो बराबर बेसिनों में विभक्त करता है।
    • यह अटलांटिक कटक से चौड़ा है परन्तु समुद्री जलस्तर के उतने निकट तक नहीं पहंचता।
  • हाल ही में एक नए कटक कार्ल्सबर्ग कटक का पता चला है जो अरब सागर को लगभग दो बराबर भागों में बांटता है।
  • विभिन्न कटक हिन्द महासागर को अनेक बेसिनों में बांटते हैं।
  • हिन्द महासागर एक ऐसा महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर, अर्थात् भारत के नाम पर रखा गया है। इसका आकार त्रिभुजाकार है।
  • इसके उत्तर में एशिया, पश्चिम अफ्रीका तथा पूर्व में ऑस्ट्रेलिया की धारा है।

हिन्द महासागर से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • हिन्द महासागर का सबसे गहरा गर्त सुण्डा गर्त (ट्रेन्च) 9.200 मीटर है। यह महासागर प्रशान्त महासागर एवं अटलांटिक महासागर से छोटा है। हिन्द महासागर की औसत गहराई 4000 मीटर है।
  • कर्क रेखा हिन्द महासागर की उत्तरी सीमा से गुजरती है।
  • हिन्द महासागर का कुल क्षेत्रफल 7,34,25,500 वर्ग किलोमीटर है।
  • हिन्द महासागर का सबसे बड़ा द्वीप मेडागास्कर है।
  • यहां वास्तविक तटवर्ती सागर लाल सागर और फारस की खाड़ी है।
  • डीगोगर्सिया द्वीप हिन्द महासागर में स्थित है।

दक्षिण में अण्टार्कटिका के पास हिन्द महासागर का सम्बन्ध प्रशान्त महासागर तथा अटलांटिक महासागर से होता है।

4. आर्कटिक महासागर | Arctic Ocean

  • यह महासागर उत्तरी ध्रुव के चारों और फैला हुआ है। आर्कटिक महासागर की कुल गहराई 3500 मीटर है।
  • आर्कटिक महासागर सबसे छोटा महासागर है।
  • विश्व का सर्वाधिक चौड़ा महाद्वीपीय मग्नतट आर्कटिक महासागर का है।
  • आर्कटिक महासागर के प्रमुख बेसिन ग्रीनलैण्ड तथा नार्वे है।
  • यह प्रशान्त महासागर के छिछले जल वाले एक संकरे भाग से जुड़ा है जिसे बेरिंग जल सन्धि के नाम से जाना जाता है।
  • आर्कटिक महासागर उत्तरी अमेरिका के उत्तरी तटों तथा यूरेशिया से घिरा हुआ है।
  • आर्कटिक महासागर पर भारत का पहला आर्कटिक शोध स्टेशन हिमाद्री है।

 

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