भारत में कृषि उत्पादन

भारत में कृषि

  • भारत में कृषि को मानसून का जुआ कहा जाता है।
  • भारत में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 51% भाग पर कृषि की जाती है तथा यहाँ की 52% जनसंख्या कृषि कार्यों में लगी हुई है।
  • भारत की 58% जनसंख्या अपनी जीविकापार्जन के लिए कृषि पर निर्भर है।
  • देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि क्षेत्र का योगदान 14 से 18% के बीच रहता है।
  • भारतीय कृषि फसलों में खाद्यान फसलों की प्रधानता रहती है।
  • भारत में सर्वाधिक भाग पर बोई जाने वाली तथा सर्वाधिक लोगों के द्वारा खाई जाने वाली फसलें क्रमशः चावल तथा गेहूँ हैं।
  • चावल तथा गेहूँ के उत्पादन में भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है।
  • भारत में सघन कृषि की प्रधानता है, जिसमें श्रम की प्रधानता पायी जाती है। भारतीय कृषि में अभी भी आधुनिकीकरण या मशीनीकरण का अभाव है।

भारत में कृषि के प्रकार

1. स्थानांतरण कृषि

इस प्रकार की कृषि जनजातीय लोगों के द्वारा की जाती है। इसमें ये लोग जंगलों को साफ कर जला देते हैं। पुराने ढंग से खाद्यान फसलों की खेती करते है। दो या तीन वर्ष बाद उपजाऊपन कम होने से उस जगह को छोड़ दिया जाता है तथा दूसरी जगह पर इसी प्रकार से कृषि की जाती है।

भारत में स्थानांतरण कृषि के विभिन्न नाम

(क) उत्तरी-पूर्वी भारत – झूम या झूमिंग

(ख) हिमालय क्षेत्र – खिल

(ग) पश्चिमी घाट – कुमारी

(घ) आंध्रप्रदेश – पोदु

(ड़) मध्यप्रदेश – घेवार या दहिया

(च) छतीसगढ़ – दीया

(छ) दक्षिणी राजस्थान – वालरा

(ज) झारखंड – कुरुवा

विश्व में स्थानांतरण कृषि के विभिन्न नाम

(क) श्रीलंका – चेना

(ख) म्यांमार – टाँग्या

(ग) मलेशिया और इंडोनेशिया – लद्यांग

(घ) मध्य अमेरिका (मैक्सिको) – मिल्पा

(ड़) वेनेजुएला – कोनों-को

(च) ब्राजील – रॉका

(छ) वियतनाम – रे

2. मिश्रित कृषि

इस प्रकार की खेती में कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है।

3. सघन कृषि

इस प्रकार की खेती में भूमी की जोत का आकार छोटा तथा पारिश्रमिक लोग ज्यादा होते हैं। इसमें प्रति व्यक्ति उत्पादन कम तथा प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक होता है। इसमें मशीनीकरण का अभाव तथा श्रम की प्रधानता होती है।

4. विस्तृत कृषि

इस प्रकार की कृषि उस स्थान प की जाती है जहां खेतों का आकार बहुत ज्यादा होता है तथा जनसंख्या कम निवास करती है। विस्तृत कृषि में प्रति व्यक्ति उत्पादन अधिक तथा प्रति हेक्टेयर कम होता है।

अधिकांश कार्य मशीनों के माध्यम से किया जाता है। भारत में भूमी की जोत का आकार जनसंख्या की तुलना में कम होने के कारण इस प्रकार की कृषि बहुत ही कम (लगभग ना के बराबर) की जाती है।

5. टूक कृषि

इस प्रकार की खेती में जल्दी खराब होने वाली फसलों (फल और सब्जियां आदि) की खेती बड़े नगरों के निकट उनके बाहरी भाग में की जाती है। इन फसलों को खराब होने से पूर्व ही मंडियों में पहुंचाया जाता है।

6. सम्मोच्चय रेखीय कृषि

इस प्रकार की कृषि ढालनुमा जगह पर ढाल के विपरीत तथा सम्मुच्चय रेखाओं के समांतर बुआई कर की जाती है।

भारत में कृषि
भारत में कृषि

भारत में कृषि के प्रकार

प्रमुख रूप से भारत में कृषि फसलों को दो भागों में विभक्त किया गया है-

1. ऋतुओं या मौसम के अनुसार वर्गीकरण

(क) खरीब की फसल

बुवाई – जून तथा जुलाई

कटाई – सितंबर तथा अक्टूबर

खरीब की फसलें – बाजरा, ज्वार, गन्ना, चावल, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, तिल, मोठ, ग्वार, जूट, चावल, मूँग, चवला और अरण्डी आदि।

(ख) रबी की फसल

बुवाई – अक्टूबर तथा नवंबर

कटाई – मार्च तथा अप्रैल

रबी की फसलें – गेहूँ, जौ, चना, मटर, तारामीरा, सरसो, राई, मंसूर, मैथी, धनिया, ईसबगोल, जीरा और अलसी आदि।

(ग) जायद की फसल

बुवाई – जनवरी तथा फरवरी

कटाई – मई तथा जून

जायद की फसलें – खरबूजा, ककड़ी, तरबूजा, सब्जियां (लौकी, तोरई, टिंडा और भिण्डी) आदि।

भारत में कृषि के प्रकार
भारत में कृषि के प्रकार

2. उपयोग के आधार पर वर्गीकरण

(क) खाद्यान फसलें

अनाज – गेहूँ, जौ, ज्वार, बाजरा, चावल आदि

दालें – चना, मूंग, मोठ, अरहर, उड़द, मसूर और चवला आदि

(ख) व्यापारिक फसलें

तिलहन – अलसी, अरण्डी, मूँगफली, सोयाबीन, सरसों, राई और नारियल आदि

अन्य – गन्ना, जूट/ पटसन और अफीम

भारत में कृषि उत्पादन

1. चावल

भारत में चावल का उत्पादन पश्चिमी बंगाल, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, पंजाब और असम में सर्वाधिक किया जाता है। भारत में चावल की किस्में

असम – शीतकालीन

ओस – शरदकालीन

बोरो – ग्रीष्मकालीन

2. गेहूँ

भारत में गेहूँ का उत्पादन उत्तर-प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में सर्वाधिक होता है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन सर्वाधिक पंजाब राज्य में होता है।

3. जौ

उत्तरप्रदेश में जौ का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इसके बाद मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में होता है।

4. ज्वार

महाराष्ट्र में ज्वार का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

5. बाजरा

राजस्थान में बाजरा का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

6. सरसों व राई

भारत में इसके प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा हैं।

7. सोयाबीन

मध्यप्रदेश सोयाबीन का उत्पादन करने वाला भारत का अग्रणी राज्य है।

8. मक्का

आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में मक्का का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

9. जूट या पटसन

पश्चिम बंगाल में जूट का उत्पादन सर्वाधिक होता है।

10. मूँगफली

गुजरात मूँगफली उटपदन में भारत का अग्रणी राज्य है।

11. कपास

गुजरात और महाराष्ट्र कपास के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

12. ग्वार

राजस्थान में ग्वार का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

13. चना

मध्यप्रदेश में चना का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

भारत में कृषि उत्पादन
भारत में कृषि उत्पादन
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