गेंहू – फसल और उत्पादन

गेंहू (Wheat)

गेंहू का सबसे बड़ा उत्पादक देश चीन है भारत विश्व में चीन के बाद दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। भारत में विश्व का 10% Wheat का उत्पादन होता है।

गेंहू का रासायनिक नाम और कुल

रासायनिक नामट्रीटिकम स्पीशीज

कुल – पैमिनौ

  • यह एक रबी की फसल है।
  • इसकी बुवाई अक्टूबर से नवंबर में तथा कटाई मार्च में की जाती है।
  • उत्पादन के लिए ठंडी शीत ऋतु तथा इसकी फसल की वृद्धि एवं पकने के लिए अच्छी धूप वाली बसंत ऋतु बहुत ही उपयुक्त होती है।
    गेंहू की फसल
    गेंहू की फसल
  • भारत में उत्तरप्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं राजस्थान राज्य इसके उत्पादन की दृष्टि से अग्रणी राज्य है। इन राज्यों के अतिरिक्त बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में भी उत्पादन किया जाता है।
  • भारत में अकेला उत्तर प्रदेश गेंहू के उत्पादन का एक तिहाई से अधिक उत्पादित करता है।
  • भारत में सिंधु-गंगा के मैदान एवं घाघरा तथा यमुना नदियों के मैदानी भागों में इसकी (Wheat) उत्पादकता अधिक पायी जाती है।
  • प्रति हेक्टेयर के गेंहू का उत्पादन हरियाणा राज्य में सर्वधिक होता है।
  • इसमें प्रोटीन की मात्रा 8-11 प्रतिशत होती है।

प्रमुख किस्म

कल्याण सोना, सोनालिका, मंगला, गंगा सुनहरी, फ़ार्मी, लालबहादुर, मैक्सिकन, सरबती, कोहिनूर, राजस्थान 3765 आदि प्रमुख है।

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तापमान

फसल की बुवाई करते समय तापमान 8°C से 10°C तक उत्तम माना जाता है। इस समय शीतलहर, मेघाच्छादन, पाला आदि बहुत हानिकारक है। पकते समय तापमान 15°C से 20°C तक होना उपयुक्त है।

वर्षा

इसके लिए औसत वर्षा 50 सेमी. से 100 सेमी. तक बहुत ही अच्छी होती है। सर्दियों में होने वाली मावठ वर्षा बहुत ही लाभदायक होती है।

मिट्टी

नैट्रोजनयुक्त दोमट मिट्टी व अच्छे बहाव वाली उपजाऊ हल्की चिकनी मिट्टी बहुत उपयुक्त होती है। मिट्टी का pH मान 5 से 7.5 के मध्य होना चाहिए।

CRI स्टेज

गेंहू की बाली
गेंहू की बाली
  • यह सिंचाई की सबसे क्रिटिकल स्टेज है।
  • गेंहू की फसल के लिए बुवाई से कटाई के मध्य लगभग 6 सिंचाइयों की जरूरत पड़ती है।
  • पहली सिंचाई शीर्ष जड़ फुटाव के समय अर्थात लगभग 21 दिन पर करनी चाहिए।

फसल की खरपतवार

फैलेरिस माइनर गेंहू की फसल की प्रमुख खरपतवार है। इस खरपतवार के नियंत्रण के लिए डोसेनेक्सर या आइसोप्रोटीन की 2 किग्रा. मात्रा का छिड़काव किया जाता है।

गेंहू में लगने वाले रोग

फसल में लगने वाले रोग छाछवा, करजवा, रतुवा और चेपा प्रमुख हैं।

ग्लूटिन 

  • गेंहू की चपाती बनाने का गुण इसी तत्व पर निर्भर करता है।
  • हेनहू के दाने और आटे में ग्लूटिन नामक प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है जिससे डबल रोटी और बिस्किट बनाये जाते है।

राजस्थान में उत्पादन

राजस्थान में सर्वाधिक उत्पादन गंगानगर जिले में होता है। गंगानगर को ‘अन्न का भंडार’ कहा जाता है। उत्पादन की दृष्टि से गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, जयपुर, चित्तोडगढ़, धौलपुर, भरतपुर, बूँदी, टोंक आदि जिले प्रमुख है।

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